रामदेव लाए कोरोना की दवा CORONIL, पर ICMR और मोदी की Ayush Ministry ने झाड़ लिया पल्ला, कहा- जब तक ‘जांच’ न हो जाए, तब तक न करें प्रचार
मंत्रालय का कहना है कि पतंजलि की कथित दवा, औषधि एवं चमत्कारिक उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) कानून, 1954 के तहत विनियमित है। पतंजलि से कहा गया है कि वह जल्द से जल्द उस दवा का नाम और उसके घटक बताए जिसका दावा कोविड-19 उपचार के लिए किया जा रहा है।
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