स्वामी विवेकानंद : योग दर्शन के आधुनिक भाष्यकार

योग की अनेक धाराएं हैं। इनमें भी मंत्रयोग, हठयोग, लययोग और राजयोग को अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना गया है। स्वामी विवेकानंद ने योग की इन विशिष्ट परंपराओं को विश्व के समक्ष व्यावहारिक ढंग से प्रस्तुत किया।

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