दुनिया मेरे आगे: विकृति की बोली

दरअसल, भड़काने वाले लोग समाज में बहुतायत में पाए जाते हैं। समाज में लोगों को एक दूसरे के खिलाफ भड़का कर लड़ाई-झगड़े और खून-खराबे तक की घटनाओं को अंजाम देने में ऐसी विकृत मानसिकता वाले लोग लगे रहते हैं। इनकी बातों पर ध्यान न देना ही श्रेयस्कर है।

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